राई का उपयोग और प्रयोग

 



राई - सरसों की बिरादरी में ही इसकी गणना होती है। इसका दाना छोटा और काला होता है। तेल भी कम निकलता है, इसलिए तेलहन विक्रताओं के यहाँ यह नहीं मिलती। उसे पंसारी ही बेचते हैं, क्योंकि उनका प्रमुख उपयोग मसाले की तरह होता है।

     

 इसकी दाल पीस ली जाय, फिर पानी में डाला जाय, तो पानी खट्टा हो जाता है। कांजी-बड़े मूंग- उड़द दाल से बनते हैं, पर उन्हें राई के पानी में फुलाया और साथ-साथ खाया जाता है 1

     

राई का प्रमुख गुण पाचक है। खटाई पैदा करने का गुण होने से वह स्वादिष्ट भी है। पेट में नन्हें कीड़े पड़ जाने पर इसके पानी से कीड़े मर जाते हैं । हैजे में राई पीस कर पेट पर लेप करने से उदरशूल व मरोड़ में आराम मिलता है। 

     

सभी अचारों में राई डाली जाती है। उससे वे सड़ते भी नहीं और खटाई लिए हुए अपना स्वाद भी बनाये रहते हैं। इसी प्रकार दाल-शाक में अन्य मसालों के साथ इसका भी उपयोग होता है ।

     

दर्द या सूजन मिटाने का उसमें गुण है। इसकी पुल्टिस बनाकर यदि दर्द वाली जगह में सेंक किया जाय, तो तुरन्त राहत मिलती है। बाह्योपचार में राई का लेप सूजन कम करने वाला माना जाता है। गरम पानी में राई डालकर सहने योग्य तापमान तक बना लिया जाय, इतने में राई फूल जाती है और पानी में उसका असर हो जाता है ।

     

 इस पानी को • किसी टब में कमर की ऊँचाई तक भरा जाय और उसमें टबबाथ की तरह बैठा जाय तो प्रदर, प्रमेह आदि यौन रोगों के सुधार में इसका बहुत अच्छा प्रतिफल निकलता है।

राई या सरसों के तेल में बारीक नमक मिलाकर, उससे मंजन का काम लिया जाय, तो दाँतों तथा मसूढ़ों की मजबूती व सफाई होती रहती है।

     

विष विकार में चूर्ण एक से दो चम्मच की मात्रा में दिया जाता है; ताकि वमन के द्वारा विष बाहर निकल जाय । राई का औषध प्रयोजन हेतु कम मात्रा में उपयोग ही लाभकारी है। इसे पीसकर शहद में मिलाकर सूँघने से जुकाम मिटता है । 

     

मात्र राई पीस कर सूँघने या तेल सूँ धने से मिर्गी-मूर्च्छा दूर होती है। कान के फोड़े फुन्सी व बहरेपन में राई का तेल कान में डालते हैं । राई पीस कर अरण्डी के पत्तों में चुपड़ कर जोड़ों पर लगाने से संधियों की सूजन मिटती है।

     

राई अग्निदीपक, पाचक, उत्तेजक एवं पसीना लाने वाली बड़ी गुणकारी औषधि है ।

You have to wait 49 seconds.


Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

To Top